
मनुष्य नियमित टूथ ब्रशिंग के साथ प्रत्येक छह माह में दंत चिकित्सक से मुँह की जांच करायें-डाॅ.औहरी
राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ को दिया प्रशिक्षण
(सिरोही हैडलाइन)
शिवगंज।राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनओएचपी) के तहत शिवगंज ब्लॉक के अंतर्गत एएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ को पंचायत समिति के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ.कौशल ओहरी,जिला सलाहकार एनओएचपी डॉ.मुकेश दिवाकर, नरेश कुमार टेलर,जिला कार्यक्रम प्रबंधक और ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ.प्रमित मिश्रा व वरिष्ठ सहायक रविराज परमार ने सभी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को मुख स्वास्थ्य देखभाल संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया।

बीसीएमओ डॉ.कौशल ओहरी ने बताया कि मुँह की साफ सफ़ाई सही नहीं करने से संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।अतः नियमित टूथ ब्रशिंग एवं प्रत्येक छह माह में दंत चिकित्सक से मुँह की जाँच अवश्य करवाना चाहिये।साथ ही डॉ.कौशल ओहरी ने टी बी मुक्त भारत अभियान के तहत सभी को अवगत करवाया कि टी बी मुक्त भारत होने के लिए टीबी के मरीजों को चिन्हित कर तुरंत इलाज करने से ही टी बी मुक्त भारत अभियान सफल हो पायेगा।उन्होंने सभी प्रतिभागियों को घर-घर सर्वे करने के लिए कहा ताकि संदिग्ध टी बी रोगियों की पहचान हो सके।

डॉ.प्रमित मिश्रा ने दंत और मुख रोग जैसे दांतों में सड़न,मसूड़ों से खून आना,मुँह का कैंसर आदि के कारण एवं उपचार के बारे में विस्तार से बताया।मौखिक स्वच्छता
के लिए आसान 97 उपाय बताए।
1-ब्रश करने का सही तरीका: मसूड़ों के पास 45-डिग्री के कोण पर ब्रश रखें।मुलायम ब्रिसल्स का उपयोग करें ताकि दांतों की ऊपरी परत को नुकसान न पहुंचे।2-फ्लॉसिंग:दिन में एक बार फ्लॉस का उपयोग जरूर करें,क्योंकि ब्रश दांतों के बीच की जगह को पूरी तरह साफ नहीं कर पाता।
3-जीभ की सफाई:जीभ पर बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं, इसलिए टंग क्लीनर का उपयोग करें।
4-खान-पान में सावधानी:मीठे और अम्लीय खाद्य पदार्थों से बचें,जो दांतों में सड़न पैदा करते हैं।पानी का अधिक सेवन करें,खासकर कुछ खाने के बाद।
5-ब्रश कब बदलें:हर 03 से 04 महीने में अपना टूथब्रश जरूर बदलें।
6-धूम्रपान से बचें:तंबाकू का सेवन न करें,यह मसूड़ों और दांतों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।
7-डॉक्टर से परामर्श कब लें:यदि मसूड़ों से खून आए,सांसों में बदबू हो,या दांतों में लगातार दर्द हो,तो तुरंत दंत चिकित्सक को दिखाएं।

उन्होंने मधुमेह और गर्भवती महिलाओं से जैसे उच्च जोखिम वाले रोगियों में बेहतर मौखिक स्वच्छता पर भी जोर दिया।अंत में उन्होंने तंबाकू और शराब के मुख और सामान्य स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया।उन्होंने शिवगंज राजकीय जिला चिकित्सालय में शुरू किए गए टीसीसी (तंबाकू नियंत्रण केंद्र) जिसमें तम्बाकू गुटका छोड़ने के लिए परामर्श एवं दवाइयां उपलब्ध होने के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम का समापन “स्वस्थ मुंह सेहत का आधार” के नारे के साथ किया|



