
सतयुग में मनुष्य की उम्र एक लाख वर्ष व लम्बाई 25 फीट थी-कृष्ण मेघादास प्रभुजी
-जगन्नाथ जी साक्षात भगवान हैं,इनके दर्शन व प्रसाद से अपना जीवन धन्य करें-लोकाध्यक्ष दास प्रभुजी
-पुखराज परिहार-
शिवगंज।पालनपुर इस्कॉन के ख्यातिनाम कथावाचक कृष्ण मेघादास प्रभुजी ने कहा कि सतयुग में मनुष्य जीव की उम्र एक लाख वर्ष थी।तैत्रायुग में उम्र घटकर 10 हजार वर्ष रह गई।द्वापर युग में एक हजार वर्ष और कलयुग में उम्र मात्र एक सौ वर्ष ही रही हैं।
कृष्ण मेघादास प्रभुजी श्री राधा श्याम सुंदर सेवा संस्थान,शिवगंज द्वारा गौशाला वाटिका में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के तीन दिवसीय महा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को कथा कीर्तन में प्रवचन दे रहे थे।उन्होंने कहा कि सतयुग में मनुष्य की लम्बाई 25 फीट होती थी जो घटती उम्र के साथ कलयुग में लम्बाई मात्र 05 फीट हो गई।



कथावाचक ने कहा कि शास्त्रों में लिखा हैं कि कलयुग में मनुष्य पशु समान जीवन जी रहा हैं। 99 प्रतिशत इंसानों को पता ही नहीं हैं कि उन्हें किस प्रकार जीना चाहिए।उन्होंने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को इतना सुंदर जीवन दिया हैं लेकिन वह वेदो की मर्यादा का पालन नहीं करता और भगवत नाम का जप व भक्ति नहीं करता हैं इसलिए वह जीवन भर दुःखी रहता हैं।


कथावाचक कृष्ण मेघादास ने कहा कि मनुष्य अगर प्रतिदिन 10 प्रतिशत समय हरि नाम में लगाकर जप करें तो निश्चित रुप से वह अपने जीवन का उद्धार कर लेगा।उन्होंने कहा कि भगवान के भक्तों की संगत से निर्गुणी व्यक्ति का जीवन बदल जाता हैं क्योंकि भक्ति सिखाने वाला भक्त गुरु समान ही हैं।
कथावाचक ने भगवान जगन्नाथ को बड़े ही दयालु व कृपालु बताते हुए कहा कि जगन्नाथ जी भुतल पर मनुष्य जीवन के कल्याणार्थ पधारे हैं।जगन्नाथ जी साक्षात भगवान हैं इनके दर्शन व प्रसाद खाने मात्र से कल्याण संभव हैं।उन्होंने पद्मपुराण व स्कंद पुराण में वर्णित भगवान की महिमागान करते हुए भक्त करमा बाई खिचड़ी की कथा सुनाई और कहा कि भगवान प्रेम व भाव का भूखा हैं।


कथा कीर्तन में भाईन्दर मुम्बई के कथावाचक लोकाध्यक्ष दास प्रभुजी ने भी उपस्थित भक्तों व धर्मप्रेमी माताओं-बहिनों व पुरुषों को भगवान जगन्नाथ की कृपादृष्टि का बखान करते हुए कहा कि जगन्नाथ जी एकमात्र ऐसे साक्षात भगवान हैं जो स्वयं आपको दर्शन देने के लिए यहां आये हैं।कलयुग में ये तुरन्त फल देते हैं बस जरूरत हैं तो उनके प्रति समर्पण भाव से सेवा करने की।
उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को भव्य रथ यात्रा के दौरान रथ में जगन्नाथ जी अपने अग्रज भ्राता बलदेव जी व बहन सुभद्रा के साथ आरुड़ होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे।अतःउनके दर्शन कर,रथ खिंचकर व रथ के आगे झाड़ू निकालकर अपने जीवन को धन्य बनाए।



अतिथियों के आगमन पर किया स्वागत-सम्मान-
कथा कीर्तन के दरम्यान राज्य मंत्री व क्षेत्रीय विधायक ओटाराम देवासी,क्षेत्रीय सांसद लुंबाराम चौधरी,भाजपा जिलाध्यक्ष डॉक्टर रक्षा भंडारी,पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने भी बतौर अतिथि शिरकत कर कथा का श्रवण किया।लोकाध्यक्ष दास ने उन्हें जगन्नाथ जी का मंदिर निर्माण के लिए संस्थान को भूमि उपलब्ध कराने की प्रबल मांग की।इस पर राज्य मंत्री ने संस्थान को आश्वस्त किया कि वे इसमें पूरा सहयोग करेंगे।



संस्थान की ओर से इन सभी अतिथियों व उनके साथ आये भाजपा के जिला प्रवक्ता राजेंद्र सोलंकी,नगर मंड़ल अध्यक्ष ताराराम कुमावत, महामंत्री नरेश सिंधी,उपाध्यक्ष हिम्मत राम घांची,पूर्व चेयरमैन वजींगराम घांची व नगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.हनवंत सिंह मेडतिया का भी स्वागत-सम्मान कथावाचक लोकाध्यक्ष दास प्रभुजी व मीरा रोड़ मुम्बई के कथावाचक सुधांशुदास प्रभुजी के हाथों करवाया गया।
कथा कीर्तन में बाल गोपाल कलाकारों ने विभिन्न धर्म आधारित नाटक पर अभिनय व नृत्य कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध किया।



लाभार्थी 25 परिवारों का किया बहुमान-
दूसरे दिन की कथा कीर्तन में आमंत्रण पत्रिका के लाभार्थी परिवार के छगनी देवी-पुखराज परिहार व चंचल देवी-लक्षमण परिहार,अर्थ सहयोगी श्री महादेव महिला मंड़ल व श्री सनातन धर्म महिला मंडल सहित 25 लाभार्थियों का स्वागत-सम्मान गया।मंच का संचालन संस्थान के सचिव यदुनन्दन दास ने किया।इस कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष विश्वात्मा दास समेत सभी पदाधिकारी-सदस्य मौजूद रहे।

आज निकलेगी जगन्नाथ रथ यात्रा- भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महा महोत्सव के तीसरे व अंतिम दिन रविवार को तीसरे पहर 03.00 बजे जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा निकलेगी।शनिवार को रात्रि 09.00 बजे आयोजक श्री राधा श्याम सुंदर सेवा संस्थान की रथ यात्रा में भारी संख्या में सम्मिलित होने की संभावना के मद्देनजर तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई।बैठक में निर्धारित समय रथ यात्रा का प्रस्थान कराने एवं शांति व कानून व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस की माकूल बंदोबस्त कराने पर विचार-विमर्श किया गया।बैठक में संस्थान के अध्यक्ष विश्वात्मा दास,सचिव यदुनन्दन दास, अग्रणी सदस्य लक्ष्मण परिहार,प्रकाश टांक, ओमप्रकाश परिहार,जगदीश परिहार सहित सभी पदाधिकारी-सदस्य मौजूद रहे।





